पूर्व विधायक हीरालाल नागर का आरोप प्रशासनिक लाफ़रवाही अदूरदर्शिता के चलते Sangod कस्बा बाढ़ में डूबा

0
838

कोटा
सांगोद के पूर्व विधायक हीरालाल नागर ने प्रशासनिक अधिकारियों पर और अदूरदर्शिता पूर्ण निर्णय लेकर Sangod को जबरन बाढ़ में डूबोने का आरोप लगाया है। हीरालाल नागर ने बताया कि Sangod क्षेत्र में बारिश के कारण  पानी नहीं भरा बल्कि भीमसागर डैम से पानी छोड़ने के कारण बाढ़ के हालात बने हैं।  

प्रशासन ने साधारण मुनादी करके ही भीमसागर डैम के गेट खोल कर भारी मात्रा में पानी की निकासी की इसके कारण सारा पानी सांगोद और आसपास के गांव में फैल गया और बाढ़ के हालात बन गए।  

ऐसे में कई लोग चारों तरफ पानी से घिर गए।  मकान दुकान और खेत जलमग्न हो गए।  कई लोगों को आर्मी द्वारा रेस्क्यू कर बचाया गया लेकिन किसानों और व्यापारियों का करोड़ों रुपए का नुकसान हो गया।  

गौरतलब है कि सांगोद क्षेत्र में बाढ़ के कारण दर्जनों गांवों में भारी नुकसान हुआ है।  लोकसभा अध्यक्ष ने पूर्व विधायक हीरालाल नागर के साथ इलाके का हवाई सर्वे किया था उसके बाद अधिकारियों की मीटिंग लेकर जल्द से जल्द राहत बचाव कार्य शुरू कर सामान्य स्थिति बहाल करने के निर्देश दिए थे।  

Kota में मीडिया से बातचीत करते हुए हीरालाल नागर ने कहा कि यदि प्रशासन द्वारा समय पर सूचना दी जाती और चरणबद्ध तरीके से भीमसागर डैम से पानी का निकास किया जाता तो हालात नहीं बिगड़ते।

पूर्व विधायक हीरालाल नागर ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर निशाना साधते हुए कहा कि कोरोना काल के बाद अशोक गहलोत अपने महल से बाहर नहीं निकले है और केवल ट्वीट करके उन्होंने पल्ला झाड़ लिया है। जबकि हाड़ौती संभाग में बाढ़ के हालात होने के बावजूद उन्होंने इस इलाके में आना मुनासिब नहीं समझा अशोक गहलोत केवल और केवल सरकार बचाने में व्यस्त हैं।

हीरालाल नागर ने मांग की है कि बाढ़ के हालात पैदा
करने के दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई हो और जिन किसानों और ग्रामीणों का नुकसान हुआ है उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए। 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here