कोटा/भोपाल:
राजस्थान की कोटा पुलिस ने 43.5 लाख रुपये की साइबर ठगी के मामले में एक बड़े अंतरराष्ट्रीय रैकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस जांच में इस नेटवर्क के तार पाकिस्तान से जुड़े होने का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। इस पूरे नेक्सस का मास्टरमाइंड 21 वर्षीय इंजीनियरिंग छात्र मोहम्मद अमजद है, जो एक पाकिस्तानी हैंडलर के सीधे निर्देशों पर काम कर रहा था। पुलिस ने 16 अप्रैल को अमजद और उसके तीन सहयोगियों को मध्य प्रदेश के भोपाल से गिरफ्तार किया है।
विज्ञान नगर थाने से शुरू हुई थी जांच
साइबर थाना एसएचओ सतीश चंद्र ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि 8 दिसंबर 2025 को कोटा के विज्ञान नगर थाने में 43 लाख 50 हजार रुपये की ठगी की एक विस्तृत शिकायत दर्ज कराई गई थी। इसी मामले की तकनीकी जांच करते हुए पुलिस की टीमें भोपाल तक पहुंचीं।
मुख्य आरोपी मोहम्मद अमजद मध्य प्रदेश के सागर जिले स्थित एक निजी कॉलेज से बीटेक (B.Tech) कर रहा है और पिछले तीन साल से भोपाल में रह रहा था। वह पिछले करीब डेढ़ साल से इस साइबर ठगी नेटवर्क का सक्रिय हिस्सा है।
मजदूरों और बुजुर्गों के बैंक खातों का किया इस्तेमाल
जांच में सामने आया है कि अमजद अपने तीन साथियों— दीपक, राहुल और विजय के साथ मिलकर यह पूरा नेटवर्क चला रहा था। ये तीनों साथी अमजद को बैंक खाते (अकाउंट) मुहैया करवाते थे, जिसके बदले उन्हें प्रति खाता 7,000 रुपये का कमीशन मिलता था।
ठगों ने मुख्य रूप से अपने आसपास रहने वाले मजदूरों और सीधे-सादे लोगों को निशाना बनाया। यहां तक कि आरोपी ने सबसे पहले अपने पड़ोस में रहने वाले एक 80 वर्षीय बुजुर्ग के बैंक खाते का इस्तेमाल किया था। गिरोह खाताधारकों से अकाउंट नंबर से जुड़ी सिम, एटीएम कार्ड और बैंक पासबुक (पूरी किट) हासिल कर लेता था और ठगी का पैसा ट्रांसफर करने के बाद उन्हें लौटा देता था।
हैंडलर के साथ मिलकर करते थे फंड ट्रांसफर
पुलिस जांच में अब तक ऐसे 50 से ज्यादा बैंक खातों का पता चला है जिनका इस्तेमाल ठगी के लिए किया गया। इन खातों में यूपीआई (UPI) और नकद जमा (कैश डिपॉजिट) के जरिए ठगी की रकम मंगवाई जाती थी। इसके बाद अमजद और उसका पाकिस्तानी हैंडलर इन पैसों को अलग-अलग खातों में भेजकर ठिकाने लगा देते थे।
शुरुआती जांच में भारत में ऑपरेट हो रहे ऐसे 5 संदिग्ध खातों का पता लगा है। इसके अलावा आरोपी ठगी की रकम छिपाने के लिए अपने निजी खातों का भी इस्तेमाल करता था। प्रारंभिक जांच में ही अमजद के बैंक खाते में 10 लाख रुपये जमा होने की पुष्टि हुई है। पुलिस फिलहाल इन सभी खातों की विस्तृत डिटेल खंगाल रही है।
भारी मात्रा में गैजेट्स और नकदी बरामद
पुलिस ने आरोपियों के पास से ठगी में इस्तेमाल होने वाले कई उपकरण और दस्तावेज जब्त किए हैं। बरामदगी में शामिल हैं:
2 लाख रुपये नकद
9 महंगे मोबाइल फोन (जिनमें 2 आईफोन शामिल हैं)
1 एप्पल लैपटॉप
1 गूगल पे (Google Pay) स्कैनर
29 एटीएम कार्ड और 13 बैंक पासबुक
बैंक अकाउंट खोलने के फॉर्म
फिलहाल सभी आरोपियों से सघन पूछताछ की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि इस पाकिस्तानी नेटवर्क से जुड़े कई और बड़े खुलासे जल्द हो सकते हैं।




