झालावाड़: जमीन के मुनाफे और मोबाइल की बैटरी के विवाद में 70 वर्षीय बुजुर्ग की कुल्हाड़ी से काटकर हत्या, आरोपी गिरफ्तार

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पनवाड़ (झालावाड़)
राजस्थान के झालावाड़ जिले के पनवाड़ थाना पुलिस ने एक ‘ब्लाइंड मर्डर’ (अंधी हत्या) की गुत्थी को सुलझाते हुए हत्या के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, 70 वर्षीय बुजुर्ग रामगोपाल की हत्या महज जमीन के मुनाफे के कुछ बकाया पैसों और एक मोबाइल बैटरी के विवाद को लेकर की गई थी। वारदात को अंजाम देने वाला कोई और नहीं बल्कि उनके ही खेत का पड़ोसी 25 वर्षीय युवक जितेन्द्र है।

खेत पर मिला था बुजुर्ग का शव
झालावाड़ पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने बताया कि 30 अप्रैल 2026 को हरीगढ़ निवासी सांवरिया (23) ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसने बताया कि उसके 70 वर्षीय पिता रामगोपाल रोज की तरह सुबह 9 बजे घर से 2-3 किलोमीटर दूर खेत पर मवेशी चराने गए थे। देर शाम तक जब वे घर नहीं लौटे, तो रात करीब 9:30 बजे परिजनों ने खेत पर जाकर देखा। वहां रामगोपाल लहूलुहान हालत में मृत पाए गए। उनके दाहिने गाल, कान के पीछे और सिर पर किसी धारदार हथियार के गहरे घाव थे। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

वैज्ञानिक साक्ष्यों और मुखबिरों की मदद से खुला राज
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी अमित कुमार के निर्देश पर एएसपी भागचंद मीणा और खानपुर वृत्ताधिकारी गरिमा जिन्दल के सुपरविजन में एक विशेष टीम का गठन किया गया। पनवाड़ थानाधिकारी जाकिर हुसैन के नेतृत्व में गठित टीम ने एफएसएल (FSL), एमआईयू (MIU) और डॉग स्क्वॉड की मदद से घटनास्थल से अहम साक्ष्य जुटाए। इसके बाद तकनीकी विश्लेषण और मुखबिरों से मिली पुख्ता सूचना के आधार पर पुलिस ने संदिग्ध जितेन्द्र (25) पुत्र छोटूलाल भील को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।

शराब के नशे में हुआ विवाद, कुल्हाड़ी से काट डाला
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी जितेन्द्र शराब पीने का आदी है। परिवार वालों ने उसे घर से निकाल रखा था, जिसके चलते वह खेत पर बनी एक झोपड़ी (टापरी) में अकेला रहता था। मृतक रामगोपाल और आरोपी जितेन्द्र के खेत अगल-बगल में थे और दोनों एक ही समाज के होने के कारण उनका आपस में उठना-बैठना था।

रामगोपाल, जितेन्द्र के हिस्से की जमीन भी मुनाफे पर जोतता था, जिसके कुछ पैसे उसे जितेन्द्र को देने थे। इसके अलावा, घटना से 5 दिन पहले जितेन्द्र ने अपने मोबाइल की बैटरी चार्ज करने के लिए रामगोपाल को दी थी, जो उसने लौटाई नहीं थी।

घटना वाले दिन दोनों ने खेत पर एक साथ खाना बनाया और शराब पी। इसी दौरान नशे की हालत में जमीन के पैसों और मोबाइल की बैटरी को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हो गई। विवाद इतना बढ़ा कि गुस्से में आकर जितेन्द्र ने कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ वार कर रामगोपाल की नृशंस हत्या कर दी।

इस पूरी कार्रवाई में पनवाड़ थानाधिकारी जाकिर हुसैन, खानपुर थानाधिकारी रविन्द्र सिंह और कॉन्स्टेबल दिनेश मीणा, जतन सिंह व नरेन्द्र कुमार की अहम भूमिका रही।

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